दिल्ली की कितनी है प्रति व्यक्ति आय? राजधानी से आगे सिर्फ एक राज्य है आगे_我的网站
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[ 新车上市] 6月10日,奇瑞多米、小蚂蚁(参数|询价)喜爱版、冰淇淋元气版正式上市,其中奇瑞多米售价5.99-6.99万元,奇瑞小蚂蚁喜爱版限时一口价5.49万元,奇瑞冰淇淋元气版限时一口价3.99万元。 राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। (Income Growth Per Capita Income): दिल्ली में जनसंख्या बढ़ने के साथ ही यहां के लोगों की आय भी बढ़ी है। शहरी क्षेत्र का विस्तार होने से यहां की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी कम हुई है। इसकी तुलना में सेवा क्षेत्र व औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ी है।,यही कारण है कि दिल्ली तीन सबसे संपन्न राज्यों में शामिल है। यहां प्रति व्यक्ति आय 4.93 लाख रुपये है। इससे आगे सिर्फ सिक्किम है। सिक्किम में प्रति व्यक्ति 5.87 लाख है। वर्ष 2022-23 में गोवा दूसरे स्थान पर था। पिछले दो वर्षों से उसका आंकड़ा जारी नहीं हुआ है। केंद्र शासीत प्रदेश में दिल्ली सबसे अागे है। इसके बाद चंडीगढ़ है। वर्ष 2011-12 में दिल्ली की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 3.5 प्रतिशत तक थी। अब यह एक प्रतिशत से भी कम रह गया है। इस दौरान निर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 13 प्रतिशत बनी हुई है। वहीं, सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 83.4 प्रतिशत से बढ़कर 86.6 प्रतिशत हो गई है। इससे लोगों की आय बढ़ी है। महाराष्ट्र, गुजरात जैसे राज्य जहां की जनसंख्या अधिक होने के साथ ही उद्योग को भी बढा़वा मिला है। इसके बाद भी वह प्रति व्यक्ति आय में दिल्ली से पीछे हैं।,दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय देश की औसत प्रति व्यक्ति आय से 2.4 गुना अधिक है। राज्य सरकार के आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रति व्यक्ति आय में सात प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, यह राष्ट्रीय औसत से कुछ कम है।,इसे और बढ़ाने के लिए सेवा व पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। रिपोर्ट में सिर्फ पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों को शामिल किया गया है। यहां आवासीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अवैध औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। इन्हें औद्योगिक क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की आवश्यकता है। इससे दिल्ली की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार ने इसी सप्ताह स्टार्टअप पालिसी का ड्राफ्ट घोषित किया है। अगले 10 वर्षों में दिल्ली को इनोवेशन हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। निजी भागीदारी से औद्योगिक क्षेत्रों के विकास करने का निर्णय लिया गया है। पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा देने की नीति तैयार की जा रही है। इससे आने वाले वर्षों में यहां रोजगार के अवसर बढ़ेगें।
जीडीपी में 11 वें स्थान पर
सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में दिल्ली पड़ोसी राज्य हरियाणा व पंजाब से आगे है। रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान मूल्य पर दिल्ली का जीएसडीपी वर्ष 2011-12 में 343798 करोड़ रुपये था। वर्ष 2024-25 में 1215003 करोड़ रुपये हो जाने की उम्मीद है। स्थिर मूल्य पर देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में दिल्ली के जीएसडीपी के योगदान में गिरावट आई है। स्थिर मूल्यों पर राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में दिल्ली का जीएसडीपी योगदान वर्ष 2011 -12 में 3.94 प्रतिशत था। वर्ष 2024-25 में इसके 3.79 प्रतिशत रहने का अनुमान है।